"नववर्ष आया"
आम्र बौरों से धरा महकती,
फूलों की रांगोली सजती।
सीना ताने रवि मुस्काया,
देखो, शुभ नववर्ष है आया।।१।
बागियों में कोयल का कूंजन,
चिड़ियों का आँगन में गुंजन।
कचनार अमलतास मन भाया,
देखो, शुभ नववर्ष है आया।।२।।
पीपल के किसलय आँख मले,
टेसू के सुंदर दीप जले।
पुष्प परिधान नीम को भाया,
देखो, शुभ नववर्ष है आया।।३।।
चैत्र माह वसुधा को प्यारा,
रूप निखरता उसका न्यारा।
भरी धूप जब यौवन छाया,
देखो, शुभ नववर्ष है आया।।४।।
नवरात्रि शक्ति की उपासना,
शीश नवा करते हैं प्रार्थना।
स्वस्थ निरोगी हो हर काया,
देखो, शुभ नववर्ष है आया।
देखो, शुभ नववर्ष है आया।।५।।
*****************
शर्मिला चौहान
ठाणे (महाराष्ट्र)
मो.नं. 9967674585
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें