मंगलवार, 16 जनवरी 2024

अनंत की बारात का गीत

" जय राजाराम जी की"

लेकर बारात चलें भैया, राजा राम की नगरिया।
ओरछा बिराजै जानकी मैया, राजाराम की नगरिया।।
राम की नगरिया श्रीराम की नगरिया ‌
हनुमत रक्षा करैया, राजाराम की नगरिया।।२।।

लेकर बारात चलें भैया, राजा राम की नगरिया।।१।।


घर को सजाना, दीपक जलाना।
प्यारे बन्ने को हल्दी लगाना।।
हरा हरा मंड़प, खंबा रंगभरा।
चूड़ियांँ लाल हरी, सखियों के मनभरी।।
सखियां देतीं बधैया।
राजाराम की नगरिया।।२।।

राम की नगरिया, श्रीराम की नगरिया
लेकर बारात चलें भैया, राजाराम की नगरिया।।२।।

दादा भी चल पड़े, दादी भी चल पड़ी।
पापा भी चल पड़े, मम्मी भी चल पड़ी।।
सज धज के चाचा चाची हैं आगे।
बुआ फूफा जी सबसे पीछे भागे।

बुआ नाचै ता ता थैया, राजाराम की नगरिया।।२‌।

लेकर बारात चलें भैया, राजाराम की नगरिया।।३।।

भैया भी सज गए, भाभी भी सज गई।
दीदी और जीजा नेग पे अड़ गए ।
मौसा और मामा बस पर आगे।
मौसी और मामी भी जल्दी से भागे।

बहनें लेतीं बलैया, राजाराम की नगरिया।२।

लेकर बारात चलें भैया, राजाराम की नगरिया।।४।।

ढोल शहनाई बाजे, डी.जे.पे बाराती नाचैं।
साफा शेरवानी, मोतियों की माला।
बन्ना मेरा दिखता, सबसे निराला।।
आरती उतार रही मैयाँ, राजाराम की नगरिया।।२।।

लेकर बारात चलें भैया, राजाराम की नगरिया।। ५।।

सजी धजी बन्नी, हाथ जयमाला।
डाल रही बन्नी, बन्ने को वरमाला।
राम जी की नगरी में, ब्याह रचा है।
सियारामजी के मन, जोड़ा जंंचा है।

आशीष देतीं जानकी मैयाँ, राजाराम की नगरिया।।६।।

राम की नगरिया श्रीराम की नगरिया।
लेकर बारात चलें भैया राजाराम की नगरिया।।
हनुमत रक्षा करैया, राजाराम की नगरिया।।

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शर्मिला चौहान 

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