गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

चोका

चोका

खुला वितान
हौसला पंख लगे
आशा संजोए
अग्रसर उड़ान
संबल बनें
धैर्य सोच सकार
नकार तजें
मन खड़ा दोराहा
चयन करें
साकार स्वप्न होंगे
मनन करें
टकरा कर लौटें
सुदृढ़ रहें
निज पर विश्वास
हमेशा करें
होगा लक्ष्य हासिल
दूर नहीं मंजिल

शर्मिला चौहान


शर्मिला चौहान

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