सोमवार, 14 दिसंबर 2020

हाइकु २)

"हाइकु"

१) 
उदित हुआ
खोली ज्यों गठरिया
फैली रश्मियाँ

२) 
लालिमा प्राची
सिंदूर सजी धरा
मुदित नाची

३) 
रवि बटोही
चला ठिठक कर
कोहरा ओढ़े

४)
भोर नवेली
चंचल चितवन
झाँके दुल्हन

५) 
तिमिरांचल
चंचलता घटती
वृद्धावस्था सी

६)
चाँद झिगोला
सितारे टंके मोती
यामिनी सोती

७) 
धरा के अंक
खेलें रवि रश्मियाँ
प्यारी कन्याएँ

८) 
बरसे पानी
नवांकुर फूटते
चूनर धानी

९)
मेघ बरसे
भीगी धरा गमके
प्रेम महके

१०)
कछुआ चाल
प्रयास निरंतर
धरे संयम

११)
आकाशदीप
करें मार्ग प्रशस्त
जलते स्वयं

१२)
दुनिया सारी
मृगतृष्णा सी ढूंँढे
राह निराली

१३)
बुजुर्ग साथ
वटवृक्ष की छाँव
नेह का गाँव

१४)
नन्हें परों से
दस्तक देते पंछी
नभ किवाड़

१५)
गौरैया नीड़
तिनकों से बुनती
स्वप्न बेजोड़

शर्मिला चौहान
ठाणे (महाराष्ट्र)
sharmilachouhan.27@gmail.com
9967674585

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