गणपति छप्पन भोग आरती (2025)
धूमधाम से इस बरस श्री गणपति आएं हैं।
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।2।।
दाल भात आलू की सब्ज़ी, खीर पूड़ी और छोले।
बूँदी रायता लपसी हलुआ, चकली ढोकला पोहे।
फल मेवे पकवान मिठाई, थाल सजाएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।1।।
पूड़ी रोटी भात पुलाव, हैं कई कई प्रकार।
खिचड़ी सब्ज़ी पूरन पोली, रोटियांँ बनी अपार।।
बर्फी लड्डू मोदक पोंगल, स्वाद बढ़ाएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।2।।
भजिए मुंगोड़े सेव पेस्ट्री, चूरमा साबुदाना।
नींबू नारियल पानी जलेबी, स्वाद का भरा खजाना।।
भोजन बाद मुखवास में, बीड़ा पान लगाएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।3।।
भाव भक्ति से बना ये भोजन, गणपति भोग लगाना।
प्रथम देवता पूज्य गणपति, रुचि रुचि भोजन खाना।।
सेवा में सब निहारिका वासी, द्वार पे आएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।4।।
शुभ मंगल कारज करना, आप ही मंगल कर्ता।
सब संकट से रक्षा करना, आप ही विघ्नहर्ता।।
हाथ जोड़ स्तुति करके, हम तुम्हें मनाएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।5।।
धूमधाम से इस बरस श्री गणपति आएं हैं,
प्रेम भाव से सबने छप्पन भोग बनाएं हैं।।
🙏"गणपति बप्पा मोरया"🙏
निहारिका निवासी
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