2122 1122 1122 22
युद्ध दुनिया में छिड़ा गुम हुई ख़ुशहाली है
सारी दुनिया की फ़िज़ा इसने बदल डाली है।। 1।।
बम धमाकों से सुरक्षित न रहे बच्चे भी
सूनी हैं शाला सभी ज़िंदगी अब काली है।।2।।
मुट्ठी भर अन्न बचा कैसे चले यह जीवन
पेट में दाना नहीं आई ये कंगाली है।।3।।
देखते देखते हो जाते शहर पूरे तबाह
जिस शहर में गिरे बम होता शहर ख़ाली है।।4।।
बम धमाकों से डरी दुनिया को बेबस देखा
रुकवा दे युद्ध को जो सच्चा वो बलशाली है।।5।।
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शर्मिला चौहान
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