सोमवार, 7 अक्टूबर 2024

शिकागो

शिकागो: झील नदी का संगम स्थल (यात्रा संस्मरण) 


अपने बच्चों के साथ  रहकर उनकी कार्यशैली, क्षमताओं को देखने का सौभाग्य, सभी माता-पिता चाहते है। 
कुछ इसी कारण के मन में हिलोर लेते ही, हम पति-पत्नी ने मुंबई से शिकागो की फ्लाइट की थी।‌ विभिन्न कंपनियों के वायुयानों की कतारों ने यह तो जतला ही दिया की, आकाश में भी जल्दी ही ट्रेफिक पुलिस की ज़रूरत पड़ने वाली है।

हर एक देश के नियमों के अनुसार, यात्रा के पूर्व ही यात्रियों को एयरलाइंस की ओर से ले जा सकने वाली और प्रतिबंधित चीज़ों की सूची ज़ारी कर दी जाती है।‌
इसी सूची के अनुसार हमने भी अपने बैग तैयार किए।
बहुत सूक्ष्मता, गहराई से जब सोचते हैं तो भविष्य में आने वाले संकटों का भी आभास हो जाता है। ये प्रतिबंधित वस्तुएं कहीं ना कहीं इसी विचार से प्रभावित हैं।
अनाज, फल, बीज और पौधे ले जाना प्रतिबंधित है, तात्पर्य यह है कि अपनी भूमि को दूषित होने से बचाना ही बुद्धिमानी है। धरती के उपजाऊपन को बनाए रखने के लिए, सोच समझकर कदम उठाना जरूरी है।

सामान्य जानकारी लेकर, बोर्डिंग पास दे दिया गया। तीन-चार घंटे बाद, आबूधाबी में दो घंटे का विश्राम हुआ। सउदी अरब अमीरात का आर्थिक मूल्यांकन आबूधाबी के एयरपोर्ट से किया जा सकता है। अगली फ्लाइट शिकागो की, चौदह घंटे की लंबी यात्रा वाली रही। 
अलग-अलग देश, भाषा, संस्कृति को मानने समझने वाले लोगों के साथ, मिलना यात्रा करना, अपनी जीवन यात्रा को और सहज बनाता है। समय समय पर नाश्ता, खाना, चाय-कॉफी देकर बहुत ध्यान रखते हुए विमान परिचारकों ने, इस लंबी यात्रा को आरामदायक बनाया। 
एक-दूसरे की भाषा को ना समझकर भी, भावों से जरूरतों को जानने का अवसर मिलता है। सचमुच यात्राएं हमें जोड़ती हैं, आशावान और मज़बूत बनाती है।

शिकागो पहुंँचकर, दो दिन भारत के समय, दिन-रात के अंतराल को शरीर के साथ संतुलित किया। 
यह हमारी शिकागो की दूसरी यात्रा थी और हमने प्रायः सभी खूबसूरत जगहें पहली बार देख लीं थीं।
शिकागो नदी की मिशिगन झील के साथ संधि होते देखना, बेहद खूबसूरत अनुभव है। 
मिशिगन झील, आकार विस्तार में दुनिया की छठवें नंबर की झील है और उत्तरी अमेरिका की पाँच महान झीलों में से है। मीठे पानी से भरी, जलीय प्राणियों को जीवन देने वाली  22,300 वर्ग मील में फैली यह झील, इलिनाइस, इंडियाना, विस्काॅन्सिन और मिशिगन स्टेट में फैली है। इसके तट पर शिकागो, मिलवॉकी, सिस्टर्स बे और ग्रीन बे जैसे शहर स्थित हैं।

शिकागो की वास्तुकला, विश्व में प्रसिद्ध है। शिकागो नदी और मिशिगन झील के मिलाप की साक्षी गगनचुंबी इमारतों की कतारें, पर्यटकों के लिए आश्चर्य और अनुभव की जगहें हैं। शिकागो नदी से आर्किटेक्चर टूर होता है, आप सुंदर जहाजों से नदी और झील का मिलन होते देखते हैं, किनारों पर स्थित इमारतों की विशेषता जानने का अवसर मिलता है। 

एक से एक बिल्डिंगें, एक दूसरे से आकार, रंग-रूप, बनावट के शिल्प में विविधता लिए अपनी गौरव-गाथा गान कर रहीं थीं। दुनिया की पहली गगनचुंबी इमारत और एक महिला वास्तुशास्त्री द्वारा बनाई दुनिया की सबसे बड़ी इमारत भी यहाँ है। लंबी सूची है शिकागो के भव्य वास्तुकला से दमकती इमारतों की। मिलेनियम पार्क, पीपुल्स  पैलेस, ओक पार्क, विलिस स्काई डेक एवं मर्चेंडाइज मार्ट जैसी जगहें देखने, जानने और वास्तुकला में रूचि रखने वालों के लिए हमेशा खुलीं हैं।‌

आर्थिक, भौतिक समृद्धि के साथ शिकागो के सामाजिक पारिवारिक जीवन को देखने का अवसर मिला। पारिवारिक व्यवस्था शहर और गांवों में उतनी ही विविध जितनी हमारे भारत में। शहरों का व्यस्ततम जीवन, गांवों का थोड़ा शांत वातावरण दिखता है।
प्रकृति का नियम भी बड़ा कठोर झेलतें हैं यहाँ के लोग। भीषण ठंड, बर्फ़ के साथ चार महीने रहने के बाद सूर्य की नन्हीं किरणों से, लोगों में नवजीवन प्रस्फुटित होता है। कम तापमान, तेज़ ठंडी-ठंडी हवाओं में भी, सूर्य की किरणों का स्वागत करते हुए पूरे परिवार को छुट्टी के दिन भर बाहर देखा जा सकता है। पारिवारिक व्यवस्था बेहतरीन लगती है। परिवार के साथ, प्रकृति के सान्निध्य में दिनभर बिताना, यहाँ हर तरफ देखने मिला। एक बात ने मुझे सुखद आश्चर्य में डाल दिया कि हर परिवार में दो-तीन बच्चे और साथ में पालतू प्राणियों को भी साथ रखने का जैसे रिवाज़ है यहाँ। भारत में आजकल मॉल संस्कृति जिस तेज़ी से फैल रही है, वह चिंता का विषय लगने लगी हमें। हमारे बचपन में हम सब भी नदी किनारे, बाग-बगीचों और तालाब के किनारे स्नान, खेलने-खाने के लिए बड़े-बड़े समूहों में जाते थे जो आजकल कम हो रहा है। क्या ये लोग हमसे कम कमाते हैं, कम व्यस्त हैं.. फिर भी प्रकृति के बीच दिन दिन भर, परिवार सहित निकलते हैं ना कि अपना दिन दिनभर टेलीविजन के सामने निकालते हैं। 
हमारी वैदिक सनातन संस्कृति के अनुसार जो नियम बने थे कि सुबह जल्दी उठना, रात का भोजन समय पर करना, रात जल्दी सोना, सब यहाँ देखा और वापस सीखने का अवसर मिला। दोपहर बारह से पहले और शाम सात-आठ तक रात का खाना खाकर लोग आराम करते हैं।  यही तो हमारी भी संस्कृति है इससे भोजन को पचने का सही समय मिलता है।‌

आसपास के कुछ गाँवों में भी चार-पांच दिन रहने का मौका मिला। साफ-सुथरे, अपने पुश्तैनी कामों में लगे लोगों को देखकर अपने देश की याद आ गई। मीठे पानी की मिशिगन झील, रोजी-रोटी, जीवन देती है। 
स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों को सुबह शाम, झील के वॉक साईड पर नियमित चलते, दौड़ते, साइकिलिंग करते देखना, प्रेरक था। वृद्ध लोग भी, अपने अनुसार चलते फिरते और व्यायाम करते दिखे। हमने भी सुंदर, बड़ी झील के किनारे सुबह-शाम घूमने चलने का लुत्फ़ लिया।

शिकागो नदी और मिशिगन झील के जोड़ पर नेवी पियर है। नेवी पियर में खड़े जहाजों में पर्यटन पानी के रास्ते से, शहर की खूबसूरती देखते हैं। जब शिकागो में गर्मी का मौसम आता है, लोगों का घरों से बाहर घूमने का समय होता है, पर्यटकों की भीड़ शहर में बड़ी संख्या में दिखती है तब नेवी पियर का फायरवर्क्स शो चालू होता है। प्रत्येक बुधवार रात 9 बजे और शनिवार को 10 बजे यह शो सभी लोगों के लिए मुफ्त में होता है।‌ सुंदर रंगों, आवाज़ों, नमूने को बनाती आतिशबाजियांँ, मन मुग्ध कर लेतीं हैं। पन्द्रह मिनटों के इस शो को दूर से भी देखा जा सकता है क्योंकि गगन को छूने के प्रयास में रहने वाली आतिशबाजी, नेवी पियर के आसपास रहने वाले लोग अपनी इमारतों की छतों, बालकनी से भी देखते हैं।

शिकागो, विभिन्न भाषाओं के बोलने वाले, अलग अलग देशों एवं अलग अलग संस्कृतियों के लोगों का संगम है। शिक्षा, नौकरी के लिए आए विश्व के विभिन्न भागों के नवयुवाओं को यहाँ देखा जा सकता है। भारत, चीन, कोरिया, ब्राजील, जापान, यू.ए.ई. और अन्य कई देशों के लोगों की विविधता दिखाई देती है।‌ हमें यहाँ भारतीय खाने के लिए अच्छे रेस्टोरेंट मिले। हमारे भोजन को पसंद करने वाले और भी लोग हैं, जिनसे भारतीय रेस्टोरेंटों की बहुत माँग है।

स्वामी विवेकानंद ने वर्षों पहले जिस स्थान पर अपना भाषण दिया था, उस जगह को अभी संग्रहालय के रूप में देखना सुखकर था। विश्व धर्म सम्मेलन शिकागो से स्वामी जी ने, सनातन वैदिक धर्म का सच्चा स्वरूप दुनिया के सामने रखा था।

अमेरिका का एक व्यस्ततम, औद्योगिक, श्रेष्ठ वास्तुकला वाला शैक्षणिक और आध्यात्मिक शहर है शिकागो। नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर शिकागो ने हमारा मन मोह लिया।

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शर्मिला चौहान
ठाणे (महाराष्ट्र) 400610
मो.नं. 9967674585

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