बुधवार, 8 दिसंबर 2021

बहर_ 122 122 122 122

पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती मेरी एक प्रस्तुति 🙏


122  122  122  122

विविध फूल सुंदर खिलें नित चमन में
धरा देख उनको रहे मन मगन में।।१।।

कली मुस्कुराती प्रणय राग सुनकर
गजब का है जादू भ्रमर की छुअन में।।२।।

शिखर गर्व करता दिखूँ सबसे सुंदर
दबी मौन है नींव नीचे भवन में।।३।।

लिए है परीक्षा चतुर्थी का चंदा
कमी ना दिखाती ये ललना लगन में।।४।।

दिखे चाँद दूधिया सराहे ये दुनिया
सितारों से रौनक बढ़ी है गगन में।।५।।


लगे दिल को अपना हमेशा से चंदा
करे शीत मन को विरह की तपन में।।६।।

हवा खाद पानी ज़रूरी तरू को
पनपते न पौधे कभी भी सघन में।।७।।

शर्मिला चौहान

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