शनिवार, 9 अक्टूबर 2021

221 2121 1221 212

221 2121 1221 212


जब प्यार से भरा ये ज़माना मिला हमें
तब जीने का हसीन बहाना मिला हमें।।1।‌

हम ढूंढते रहे कि कोई ठौर तो मिले
तब दिल में आपके ही ठिकाना मिला हमें।।2।।

लय ताल जानते नहीं कुछ बेसुरे थे हम
जब आप गुनगुनाए तराना मिला हमें।।3।।

माँगी थी मन्नतें कभी भगवान से बहुत
जो आप मिल गए तो खजाना मिला हमें।।4।।

मिलते नये नये से हमें लोग सब यहाँ
इक साथ आपका जो पुराना मिला हमें।।5।।


शर्मिला चौहान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें