चोका
खुला वितान
हौसला पंख लगे
आशा संजोए
अग्रसर उड़ान
संबल बनें
धैर्य सोच सकार
नकार तजें
मन खड़ा दोराहा
चयन करें
साकार स्वप्न होंगे
मनन करें
टकरा कर लौटें
सुदृढ़ रहें
निज पर विश्वास
हमेशा करें
होगा लक्ष्य हासिल
दूर नहीं मंजिल
शर्मिला चौहान
शर्मिला चौहान