सोमवार, 26 अक्टूबर 2015

जरूरी है ।

दिलों को हरा भरा रखने के लिए ,
राहत और सुकून से जीने के लिए ,
आपस में बोलना बतियाना जरूरी है ,
बस इसीलिए मिलना जरूरी है ।।

बेवजह खुश होने के लिए ,
खिलखिलाकर हँसने के लिए ,
अपनी बातों को कहने के लिए ,
किसी की बात सुनने के लिए ,
आपस में नोंकझोक जरूरी है ,
बस इसीलिए मिलना जरूरी है ।

आप भी कभी जाते रहिए ,
लोगों को भी बुलाते रहिए ,
बहानों का होना तो जरूरी है ,
बस इसीलिए मिलना जरूरी है ।

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2015

"मुझे पसंद है "

कच्ची अमिया के टुकड़ों को ,
नमक लगाकर चाटना ।
पापड़ को थाली में रखकर ,
दबाकर चूरा करना ।
गोलगप्पे खाते वक्त अक्सर ,
एक और की माँग करना ।
मुझे अच्छा लगता है ।

प्याली भरी हो या आधी ,
जोर से चाय सुडकना ।
किसी बात पर कभी ,
जी खोल कर ठहाका लगाना ,
गीले हाथों को आते जाते ,
परदों से पोंछ लेना ।
मुझे अच्छा लगता है ।

बारिश के भरे पानी में ,
छप छप करके चलना ।
स्कूल से भागते निकलते ,
खिलखिलाते बच्चों को देखना ।
मना होने पर भी ,
बगीचे में फूलों को छू लेना ।
मुझे अच्छा लगता है ।

तमाम बंदिशे हैं समाज की ,
कुछ उम्र की , कुछ रिवाज की ।
इन बंदिशों के पार जाकर ,
कभी कभी अपना जीवन जीना ,
मुझे अच्छा लगता है ।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2015

कही अनकही .....: भूमिका

कही अनकही .....: भूमिका: प्रिय पाठकों , शर्मिला चौहान का सप्रेम नमस्कार । आज आप सभी से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ कर मैं बहुत गौरव का अनुभव कर रही हूँ ।हिंदी भाषी होने ...

भूमिका

प्रिय पाठकों ,
शर्मिला चौहान का सप्रेम नमस्कार ।
आज आप सभी से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ कर मैं बहुत गौरव का अनुभव कर रही हूँ ।हिंदी भाषी होने के कारण हिंदी साहित्य में अभिरुचि होना स्वाभाविक ही है ।अपने भावों एवं विचारों को अभिव्यक्त करने का ,साथ ही लेखन के क्षेत्र में नवीन होने के कारण समकालीन विचारों एवं विषयों को जानने की उत्सुकता ने आज मुझे ई-कलम से जोड़ दिया ।
2-3 वर्षों तक औरंगाबाद से प्रकाशित होने वाले हिंदी समाचार पत्र लोकमत समाचार में महिलाओं एवं बच्चों पर लेख , कहानियाँ प्रकाशित होती रही ।बीच के कुछ लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर अपने दिल की कही-अनकही बातें, भावनाएँ लेकर मैं आप सब लोगों से जुड़ रही हूँ ।
दिल के उद्गार कभी विचार लेख, कभी कहानियाँ तो कभी कविताओं की निर्मल निर्झर से बह जाते हैं ।
आशा है आप मेरी भावनाओं को समझेंगे और समय समय पर उचित मार्गदर्शन भी करेंगे ।
कही अनकही में आपके सहयोग की  आकांक्षी ....
            शर्मिला चौहान .